आशीर्वाद पहुंचे, तमाम परिवार को आशीर्वाद कहनी। प्रेमी मंजू राम को आशीर्वाद पहुंचे, ईश्वर कृपा करें और सत्धर्म विश्वास देवें। तमाम संगत को एक-एक करके आशीर्वाद कहनी। प्रेमी जी, जरूरतें बढ़ाने से अकसर दुःख होता है, इस वास्ते हर वक्त सादगी को अपनाएं। अपना ज़्यादा समय ईश्वर परायणता में सर्फ (खर्च) करें। यह दुनियाँ का बहाव अधिक कठिन है। सत् असूलों से ही अपनी रखिया (रक्षा) करें। प्रभु ने कृपा की है जो सच्चा हुक्म समता तुमको पहुंच गया है। उसको अब अपनाएं। ईश्वर बल बुद्धि देवे। तमाम दुनियाँ का फैलाव दुख रूप जानें। इससे गैर जानबदार (बेलगाव) होने की कोशिश करें यानी प्रभु स्मरण का निश्चय पैदा करें। यह खुलासी (मुक्ति) देने वाला रास्ता है। हर वक्त सही विश्वास करके चलो और अपने जीवन में शान्ति प्राप्त करो। ईश्वर सहायक हों।