गुरू के आगे शिष्य को कभी झूठ नहीं बोलना चाहिये। अपने अन्दर जो कमी-पेशी हो या कोई भी त्रुटि हो, खोल कर रख देनी चाहिये।
संगत समतावाद धर्मशाला – हरिद्वार हिमालय डिपो, गली न.1, श्रवण नाथ नगर, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)